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When we should drink hot water and why?। गर्म पानी कब पीना चाहिए और क्यों पीना चाहिएBy Vnita kasnia Punjabगर्म पानी कब पीना चाहिए और क्यों पीना चाहिए?गर्म पानी पीने से वेट कम होता है गर्म पानी पीने से पेट साफ होता है ऐसी बातें आपने बहुत सुनी होगी। लेकिन शायद आपको नहीं पता होगा कि ये ज्यादा गर्म पानी से आपकी बॉडी के इंटरनल पार्ट डैमेज हो सकते हैं।गर्म नहीं गुनगुना पानी पिएं, गुनगुने पानी के फायदे और गर्म पानी के नुकसान, गर्म पानी कब पीना चाहिए और क्यों, क्या है नुकसान गर्म पानी पीने के, गुनगुनाWhen we should drink hot water and why?पानी को गर्म करने से उसके मिनरल्स खत्म हो जाते हैं। पानी से पोटेशियम उड़ जाता है। इसलिए ये हार्मफुल होता है। इसके साथ ही अगर ये पानी लोहे के नल से निकल कर आ रहा है तो इसमें लैड मिल जाता है जो कि पेट में जाकर बहुत नुकसान करता है। सोलर सिस्टम और वाटरकूलर से आने वाला गर्म पानी बेहद नुकसानदायक हो सकता है।गर्म पानी को तभी पिया जा सकता है जब ये गंदाा न हो लेकिन इसके लिए भी इसे पहले फिटकरी से साफ करें फिर उबाल कर ठंडा करके पिएं। अगर इसको मटके में डालकर पीते हैं तो इसको न्यूट्रिशन वापस मिल जाएंगे। क्योंकि मटका पानी को पोषण देता है। ग्रीन टी पी जा सकती है।आयुर्वेद के अनुसार गर्म पानी पीना नुकसानदायक है। लोग चाहे तो गुनगुना पानी पी सकते हैं।गर्म- गुनगुना पानी पीने में भले ही अच्‍छा न लगे लेकिन इसके फायदे आपको गुनगुना पानी पीने पर मजबूर कर देंगे।यूं तो 8 से 10 ग्‍लास पानी पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है, लेकिन अगर दिन में तीन बार गर्म - गुनगुना पानी पीने की आदत शरीर को कई बीमारियों से आसानी से बचा सकती हैहृदय की संरचना और कार्यगर्म पानी के फायदेनहाने के नियमकर्म नहीं गुनगुना पानी पिएं गुनगुने पानी के हैं कई फायदे1. वजन कम करने में सहायक है गुनगुना पानीअगर आपका वेट लगातार बढ़ रहा है और आपकी लाख कोशिशों के बावजूद भी कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है तो आप गर्म- गुनगुने पानी में शहद और नीबू मिलाकर लगातार तीन महीने तक पिएं,आपको फर्क जरूर महसूस होगा।अगर आप ये हेल्‍दी ड्रिंक नहीं पीना चाहते हैं तो आप खाना खाने के बाद एक कप हल्का गर्म पानी पीना शुरू करें।2.पाचन क्रिया में सहायक गर्म- गुनगुना पानी -गुनगुना पानी पाचन क्रिया के लिए भी फायदेमंद होता है। एक रिसर्च कहती है कि खाना खाने के बाद अगर आप ठंडा पानी पीते हैं तो ये आपके खाये गए खाने में मौजूद तेल को ठोस कर देता है। इससे आपकी आंत की इनर वाल (inner wall) में वसा जमा होती रहती है जिसकी वजह से आंत के कैंसर की समस्या शुरू हो जाती है। हालाँकि अगर आप हल्का गर्म पानी पीते हैं तो आपको ये समस्या कभी नहीं होगी और आपकी पाचन क्रिया भी स्वस्थ रहेगी।3.बॉडी करे डिटॉक्‍सगर्म- गुनगुना पानी पीने से बॉडी को डिटॉक्‍स करने में मदद मिलती है और यह शरीर की सारी अशुद्धियां को बहुत आसानी से साफ कर देता है. गुनगुना पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ने लग जाता है, जिससे पसीना आता है और इसके माध्यम से शरीर की अशुद्धियां दूर हो जाती हैं।4.बुढ़ापा रोकने की दवा है गुनगुना पानी -सबसे पहले रोज़ाना गुनगुना पानी पीने से आप समय से पहले आने वाले बुढ़ापे को रोक सकते हैं और अपनी त्वचा को फिर से जवान बना सकते हैं। ये शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है और त्वचा के उत्तकों को ठीक करता है जो हानिकारक फ्री रेडिकल्स से प्रभावित होते हैं। गुनगुना पानी पीने से आपकी त्वचा की लचीलता बढ़ती है। इसे परिणामस्वरूप आपकी खराब हुई त्वचा टोंड, रिंकल मुक्त और सुंदर दिखने लगती है।5.बालों में प्राकृतिक निखार लाता है -गुनगुना पानी पीने से आपके बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में मदद मिलती है। ये आपके बालों की जड़ों को फिर से मजबूत बनाता है और उन्हें सक्रीय करने में मदद करता है।गर्म नहीं गुनगुना पानी पिएं, गुनगुने पानी के फायदे और गर्म पानी के नुकसान, गर्म पानी कब पीना चाहिए और क्यों, क्या है नुकसान गर्म पानी पीने के, गुनगुनाvnitakasniapunjab05114@gmail.com इससे आपके बालों में फिर से प्राकृतिक निखार वापस आने लगता है और आपके बाल स्वस्थ बनने लगते हैं।तो उठिये और अपने दिन की शुरुआत गुनगुने पानी के साथ करना शुरू कर दीजिये।

When we should drink hot water and why?।  गर्म पानी कब पीना चाहिए और क्यों पीना चाहिए

By Vnita kasnia Punjab

गर्म पानी कब पीना चाहिए और क्यों पीना चाहिए?

गर्म पानी पीने से वेट कम होता है गर्म पानी पीने से पेट साफ होता है ऐसी बातें आपने बहुत सुनी होगी। लेकिन शायद आपको नहीं पता होगा कि ये ज्यादा गर्म पानी से आपकी बॉडी के इंटरनल पार्ट डैमेज हो सकते हैं।
गर्म नहीं गुनगुना पानी पिएं, गुनगुने पानी के फायदे और गर्म पानी के नुकसान, गर्म पानी कब पीना चाहिए और क्यों, क्या है नुकसान गर्म पानी पीने के, गुनगुना
When we should drink hot water and why?


पानी को गर्म करने से उसके मिनरल्स खत्म हो जाते हैं। पानी से पोटेशियम उड़ जाता है। इसलिए ये हार्मफुल होता है। इसके साथ ही अगर ये पानी लोहे के नल से निकल कर आ रहा है तो इसमें लैड मिल जाता है जो कि पेट में जाकर बहुत नुकसान करता है। 

सोलर सिस्टम और वाटरकूलर से आने वाला गर्म पानी बेहद नुकसानदायक हो सकता है।

गर्म पानी को तभी पिया जा सकता है जब ये गंदाा न  हो लेकिन इसके लिए भी इसे पहले फिटकरी से साफ करें फिर उबाल कर ठंडा करके पिएं।

 अगर इसको मटके में डालकर पीते हैं तो इसको न्यूट्रिशन वापस मिल जाएंगे। क्योंकि मटका पानी को पोषण देता है। ग्रीन टी पी जा सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार गर्म पानी पीना नुकसानदायक है। लोग चाहे तो गुनगुना पानी पी सकते हैं।

गर्म- गुनगुना पानी पीने में भले ही अच्‍छा न लगे लेकिन इसके फायदे आपको गुनगुना पानी पीने पर मजबूर कर देंगे।

यूं तो 8 से 10 ग्‍लास पानी पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है, लेकिन अगर दिन में तीन बार गर्म - गुनगुना पानी पीने की आदत शरीर को कई  बीमारियों से आसानी से बचा सकती है

कर्म नहीं गुनगुना पानी पिएं गुनगुने पानी के हैं कई फायदे

1. वजन कम करने में सहायक है गुनगुना पानी

अगर आपका वेट लगातार बढ़ रहा है और आपकी लाख कोशिशों के बावजूद भी कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है तो आप गर्म- गुनगुने पानी में शहद और नीबू मिलाकर लगातार तीन महीने तक पिएं

,आपको फर्क जरूर महसूस होगा।अगर आप ये हेल्‍दी ड्रिंक नहीं पीना चाहते हैं तो आप खाना खाने के बाद एक कप हल्का गर्म पानी पीना शुरू करें।

2.पाचन क्रिया में सहायक गर्म- गुनगुना पानी -

गुनगुना  पानी पाचन क्रिया के लिए भी फायदेमंद होता है। एक रिसर्च कहती है कि खाना खाने के बाद अगर आप ठंडा पानी पीते हैं तो ये आपके खाये गए खाने में मौजूद तेल को ठोस कर देता है।
 इससे आपकी आंत की इनर वाल (inner wall) में वसा जमा होती रहती है जिसकी वजह से आंत के कैंसर की समस्या शुरू हो जाती है। 

हालाँकि अगर आप हल्का गर्म पानी पीते हैं तो आपको ये समस्या कभी नहीं होगी और आपकी पाचन क्रिया भी स्वस्थ रहेगी।

3.बॉडी करे डिटॉक्‍स

गर्म- गुनगुना पानी पीने से बॉडी को डिटॉक्‍स करने में मदद मिलती है और यह शरीर की सारी अशुद्धियां को बहुत आसानी से साफ कर देता है. गुनगुना पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ने लग जाता है, जिससे पसीना आता है और इसके माध्यम से शरीर की अशुद्धियां दूर हो जाती हैं।

4.बुढ़ापा रोकने की दवा है  गुनगुना पानी -
सबसे पहले रोज़ाना गुनगुना पानी पीने से आप समय से पहले आने वाले बुढ़ापे को रोक सकते हैं और अपनी त्वचा को फिर से जवान बना सकते हैं।

 ये शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है और त्वचा के उत्तकों को ठीक करता है जो हानिकारक फ्री रेडिकल्स से प्रभावित होते हैं। 

गुनगुना पानी पीने से आपकी त्वचा की लचीलता बढ़ती है। इसे परिणामस्वरूप आपकी खराब हुई त्वचा टोंड, रिंकल मुक्त और सुंदर दिखने लगती है।

5.बालों में प्राकृतिक निखार लाता है -

गुनगुना पानी पीने से आपके बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में मदद मिलती है। ये आपके बालों की जड़ों को फिर से मजबूत बनाता है और उन्हें सक्रीय करने में मदद करता है।
गर्म नहीं गुनगुना पानी पिएं, गुनगुने पानी के फायदे और गर्म पानी के नुकसान, गर्म पानी कब पीना चाहिए और क्यों, क्या है नुकसान गर्म पानी पीने के, गुनगुना
vnitakasniapunjab05114@gmail.com


 इससे आपके बालों में फिर से प्राकृतिक निखार वापस आने लगता है और आपके बाल स्वस्थ बनने लगते हैं।
तो उठिये और अपने दिन की शुरुआत गुनगुने पानी के साथ करना शुरू कर दीजिये।

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अप्रैल महीने के महत्वपूर्ण दिवस और तिथियाँ By वनिता कासनियां पंजाब 1 अप्रैलAns.- मूर्ख (अप्रैल फूल) दिवस, उड़ीसा दिवस 2 अप्रैलAns.- विश्व ऑटिज्म (स्वलीनता) जागरूकता दिवस 5 अप्रैलAns.- राष्ट्रीय मेरीटाइम दिवस 6 अप्रैलAns.- अंतराष्ट्रीय खेल दिवस 7 अप्रैलAns.- विश्व स्वास्थ्य दिवस, विशेष सुरक्षा समूह स्थापना दिवसनोट- 1948 में इसी दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन का गठन किया गया था, लेकिन पहला विश्व स्वास्थ्य दिवस 1950 में मनाया गया । 10 अप्रैलAns.- विश्व होम्योपैथी दिवस 11 अप्रैलAns.- राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस 13 अप्रैलAns.- जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस 14 अप्रैलAns.- बी.आर अम्बेडकर स्मरण दिवस, विश्व एयरोनॉटिक्स और ब्रह्माण्ड विज्ञान दिवस 17 अप्रैलAns.- विश्व हीमोफिलिया दिवस 18 अप्रैलAns.- विश्व विरासत दिवस 21 अप्रैलAns.- राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस, World Creativity and Innovation Day, National Secretaries day 22 अप्रैलAns.- विश्व पृथ्वी दिवसनोट- वर्ष 1970 में विश्व पृथ्वी दिवस की शुरुआत हुई। 23 अप्रैलAns.- विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस, विश्व अंग्रेजी भाषा दिवस 24 अप्रैलAns.- राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (राष्ट्रीय स्थानीय स्वशासन दिवस), प्रयोगशाला पशुओं के लिए विश्व दिवस 25 अप्रैलAns.- विश्व मलेरिया दिवस 28 अप्रैलAns.- अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक स्मृति दिवस, कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए विश्व दिवस 29 अप्रैलAns.- अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस

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हिन्दी दिवस : कब, क्यों और कैसे मनाएंBy समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबहिंदी विश्व में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में से एक है। विश्व की प्राचीन, समृद्ध और सरल भाषा होने के साथ-साथ हिंदी हमारी 'राष्ट्रभाषा' भी है। वह दुनिया भर में हमें सम्मान भी दिलाती है। हिंदी दिवस भारत में हर वर्ष '14 सितंबर' को मनाया जाता है। भारत की स्वतंत्रता के बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत से यह निर्णय लिया कि हिंदी की खड़ी बोली ही भारत की राजभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर सन् 1953 से संपूर्ण भारत में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को 'हिंदी दिवस' के रूप में मनाया जाने लगा। हिंदी हिंदुस्तान की भाषा है। राष्ट्रभाषा किसी भी देश की पहचान और गौरव होती है। हिंदी हिंदुस्तान को बांधती है। इसके प्रति अपना प्रेम और सम्मान प्रकट करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। इसी कर्तव्य हेतु हम 14 सितंबर के दिन को 'हिंदी दिवस' के रूप में मनाते हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, साक्षर से निरक्षर तक प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति हिंदी भाषा को आसानी से बोल-समझ लेता है। यही इस भाषा की पहचान भी है कि इसे बोलने और समझने में किसी को कोई परेशानी नहीं होती।बदलते युग के साथ अंग्रेजी ने भारत की जमीं पर अपने पांव गड़ा लिए हैं। जिस वजह से आज हमारी राष्ट्रभाषा को हमें एक दिन के नाम से मनाना पड़ रहा है। पहले जहां स्कूलों में अंग्रेजी का माध्यम ज्यादा नहीं होता था, आज उनकी मांग बढ़ने के कारण देश के बड़े-बड़े स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे हिंदी में पिछड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्हें ठीक से हिंदी लिखनी और बोलना भी नहीं आती है। भार‍त में रहकर हिंदी को महत्व न देना भी हमारी बहुत बड़ी भूल है। हिंदी जानने और बोलने वाले को बाजार में अनपढ़ या एक गंवार के रूप में या तुच्छ नजरिए से देखा जाता है, यह कतई सही नहीं है। हमें स्वतंत्रता तो मिल गई, लेकिन स्वभाषा नहीं मिल पाई, जिसके बिना स्वतंत्रता अभी भी अधूरी है। अत: देश के हर नागरिक की गरिमा बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि हर हिंदुस्तानी को अपनी भाषा का प्रयोग हर जगह, हर स्तर और हर समय करते रहना होगा। आज हर माता-पिता को चाहिए कि अपने बच्चों को विदेशी भाषा सिखाने पर जितना ज्यादा ध्यान दिया जाता है, उससे अधिक हिंदी की तरफ ध्यान देना होगा।

हिन्दी दिवस : कब, क्यों और कैसे मनाएं By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब हिंदी विश्व में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में से एक है। विश्व की प्राचीन, समृद्ध और सरल भाषा होने के साथ-साथ हिंदी हमारी 'राष्ट्रभाषा' भी है। वह दुनिया भर में हमें सम्मान भी दिलाती है। हिंदी दिवस भारत में हर वर्ष '14 सितंबर' को मनाया जाता है।    भारत की स्वतंत्रता के बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत से यह निर्णय लिया कि हिंदी की खड़ी बोली ही भारत की राजभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिंदी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर सन् 1953 से संपूर्ण भारत में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को 'हिंदी दिवस' के रूप में मनाया जाने लगा।   हिंदी हिंदुस्तान की भाषा है। राष्ट्रभाषा किसी भी देश की पहचान और गौरव होती है। हिंदी हिंदुस्तान को बांधती है। इसके प्रति अपना प्रेम और सम्मान प्रकट करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। इसी कर्तव्य हेतु हम 14 सितंबर के दिन को 'हिंदी दिवस' के रूप में मनाते हैं। कश्मीर से कन्...